बरसों से अपनी मांगों को लेकर लोनीवी कार्यालय में भूख हड़ताल में बैठे चेतराम।116 वी बार धरना 

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Siv arora
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बरसों से अपनी मांगों को लेकर लोनीवी कार्यालय में भूख हड़ताल में बैठे चेतराम।116 वी बार धरना

आत्महत्या की दी चेतावनी।

अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत लोहाघाट के गंगनोला निवासी बुजुर्ग चेतराम आज मंगलवार से लोक निर्माण विभाग कार्यालय लोहाघाट में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मे बैठ गए है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अभी तक बुजुर्ग चेतराम 115 बार धरना दे चुके है। पर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ जिस कारण चेतराम अब 116 वी बार धरना कर रहे हैं। बुजुर्ग चेतराम ने बताया लोक निर्माण विभाग लोहाघाट ने वर्ष 1993 में उन्हें मस्ट्रोल के तहत राजमिस्त्री के पद पर रखा गया था तब से वह लगातार कार्यरत था। उन्होंने बताया वर्ष 1995 में वह लोहाघाट महाविद्यालय भवन निर्माण के दौरान छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना में उन्हें काफी गंभीर चोटे आई । बुजुर्ग चेतराम ने आरोप लगाते हुए कहा विभाग ने न तो उनका इलाज करवाया और ना इलाज के लिए पैसा दिया और ना ही किसी प्रकार का मुआवजा उन्हें दिया गया ।उन्होंने कहा तब से वह अपना इलाज स्वयं कर रहे हैं इस दौरान उनकी किडनी भी निकाल ली गई। बुजुर्ग चेतराम ने कहा वह इलाज का खर्च देने की मांग को लेकर वर्ष 1997 से विभिन्न विभागों में 115 बार धरना कर चुके है पर बार-बार अधिकारियों के द्वारा उन्हें गुमराह किया जाता है और झूठे आश्वासन दिए जाते हैं।उन्होंने कहा वह विभाग से अपना हक मांग रहे हैं ना कि भीख । चेतराम ने बताया वह कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित है बार-बार विभाग के चक्कर लगाकर वह थक चुके हैं पर कोई भी अधिकारी संज्ञान लेने को तैयार नहीं है ।जिस कारण अब मजबूर होकर वह लोक निर्माण विभाग कार्यालय लोहाघाट में 116 वी बार धरना दे रहे है उन्होंने कहा धरने के दौरान वह कुछ भी नहीं खाएंगे ना पानी पियेंगे ।बुजुर्ग चेतराम ने चेतावनी देते हुए कहा अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह लोक निर्माण विभाग कार्यालय में आत्महत्या करने से भी पीछे नहीं हटेंगे ।क्योंकि उनके पास अब खोने के लिए कुछ नही बचा है और अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं। उन्होंने कहा मामले को लेकर उनके द्वारा प्रशासन को सूचना दे दी गई थी। चेतराम ने बताया जब भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम लोहाघाट क्षेत्र में होते हैं तो पुलिस उन्हें पड़कर गिरफ्तार कर लेती है जैसे कि वह कोई आतंकवादी हो ।उन्हें अपनी समस्या रखने तक के लिए मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया जाता है। बुजुर्ग चेतराम ने कहा यह उनकी अंतिम लड़ाई है या तो उनकी मांगे मानी जाएगी या उनकी जान जाएगी। बुजुर्ग चेतराम ने कहा अगर भूख हड़ताल के दौरान उन्हें कुछ भी होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग व प्रशासन की होगी।

 

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