
बंदरों के आतंक पर नगर निगम का बड़ा प्रहार-श्रीनगर में विशेष अभियान शुरू


श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर शहर में लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने बंदरों के आतंक से अब राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम श्रीनगर ने शहर में लगातार बढ़ रही बंदरों की संख्या और उनसे उत्पन्न हो रही समस्याओं को देखते हुए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अभियान का शुभारंभ शुक्रवार से किया गया,जिसके तहत प्रशिक्षित टीम शहर के विभिन्न वार्डों और संवेदनशील क्षेत्रों में बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने का कार्य करेगी। अभियान की शुरुआत से पूर्व नगर निगम कार्यालय में महापौर आरती भण्डारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बंदर पकड़ने वाली टीम तथा निगम के अधिकारियों के साथ अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान पूरी संवेदनशीलता,सुरक्षा और प्रभावी रणनीति के साथ संचालित किया जाए,ताकि आम नागरिकों को शीघ्र राहत मिल सके। महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि पिछले कई महीनों से शहर के विभिन्न मोहल्लों से बंदरों के उत्पात की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। बंदर घरों में घुसकर खाद्य सामग्री और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं,राह चलते लोगों पर झपट्टा मार रहे हैं तथा बच्चों,बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष रूप से खतरा बन गए हैं। कई स्थानों पर बंदरों के हमलों के कारण लोग घायल भी हुए हैं। नगर निगम ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान बंदरों को किसी प्रकार की क्षति पहुंचाए बिना मानवीय तरीके से पकड़ा जाएगा तथा वन विभाग के सहयोग से उन्हें प्राकृतिक और सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल समस्या का स्थायी समाधान करना ही नहीं,बल्कि वन्यजीव संरक्षण के नियमों का भी पूरी तरह पालन करना है। इसी क्रम में शुक्रवार को अभियान प्रारंभ होते ही बंदर पकड़ने वाली टीम ने बिना विलंब किए शहर के डांग एवं पीएनटी कॉलोनी क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी। नगर निगम के अनुसार अभियान चरणबद्ध ढंग से पूरे शहर में चलाया जाएगा तथा पकड़े गए बंदरों को वन विभाग के सहयोग से नियमानुसार सुरक्षित एवं उपयुक्त स्थानों पर छोड़ा जाएगा,ताकि शहरवासियों को बंदरों के आतंक से स्थायी राहत मिल सके। महापौर ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अभियान के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें तथा बंदरों को पकड़ने वाली टीम के कार्य में बाधा न डालें। यदि किसी क्षेत्र में बंदरों का अधिक आतंक है तो उसकी सूचना तत्काल नगर निगम को दें,ताकि टीम प्राथमिकता के आधार पर वहां कार्रवाई कर सके। नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमों को भी लगाया जाएगा। शहर के विद्यालयों,बाजारों,रिहायशी क्षेत्रों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी,जिससे लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। बैठक में सहायक नगर आयुक्त प्रवीण वर्मा,मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार तथा बंदर पकड़ने वाली टीम के सदस्य मोनू सैनी,जितेंद्र सैनी और प्रमोद सैनी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का भरोसा दिलाया। नगर निगम का यह अभियान शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से श्रीनगर शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक पर प्रभावी अंकुश लगेगा और आम नागरिक सुरक्षित वातावरण में अपने दैनिक कार्य कर सकेंगे।
