श्रीनगर नगर निगम में भाजपा की बड़ी सियासी बढ़त-महापौर आरती भण्डारी समेत कांग्रेस व निर्दलीय पार्षदों ने थामा भाजपा का दामन

श्रीनगर नगर निगम में भाजपा की बड़ी सियासी बढ़त-महापौर आरती भण्डारी समेत कांग्रेस व निर्दलीय पार्षदों ने थामा भाजपा का दामन


श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम की राजनीति में बुधवार को उस समय बड़ा बदलाव देखने को मिला,जब नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी समेत कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट,श्रीनगर विधायक एवं उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत,पौड़ी जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत,जिला प्रभारी नलिन भट्ट तथा श्रीनगर मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल की गरिमामयी उपस्थिति में जनप्रतिनिधियों ने भाजपा का दामन थामा। इस राजनीतिक घटनाक्रम को श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और जमीनी स्तर पर पार्टी की मजबूत होती पकड़ के रूप में देखा जा रहा है। नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी तथा लखपत सिंह भण्डारी सहित विभिन्न वार्डों के कांग्रेस एवं निर्दलीय पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से नगर की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। भाजपा परिवार में शामिल होने वाले जनप्रतिनिधियों में कांग्रेस से पार्षद अनुराग चौहान एवं राजकुमार शामिल हैं। वहीं निर्दलीय पार्षदों में अंजिनी भंडारी,मीना देवी,भावना चौहान,प्रवेश चमोली,विजय कुमार चमोली,आशीष नेगी,नरेंद्र सिंह रावत एवं धर्म सिंह रावत ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इनके साथ ही लखपत सिंह भण्डारी के भाजपा में शामिल होने से श्रीनगर नगर निगम में पार्टी का राजनीतिक आधार और अधिक व्यापक हुआ है। कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने नवागत जनप्रतिनिधियों का भाजपा परिवार में स्वागत करते हुए उन्हें संगठन की विचारधारा और विकास की नीतियों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। श्रीनगर विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने भाजपा में शामिल हुए सभी जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से संगठन निश्चित रूप से और अधिक मजबूत एवं सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और उत्तराखंड के विकास को गति देने के लिए सभी कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। डॉ.रावत ने कहा कि श्रीनगर क्षेत्र के विकास और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा,जब उसका लाभ आम नागरिक तक पहुंचे और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान हो। भाजपा में शामिल होने के बाद श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी तथा लखपत सिंह भण्डारी ने पार्टी नेतृत्व एवं संगठन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भाजपा की नीतियों,विकास के संकल्प और संगठन की विचारधारा के साथ मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस एवं निर्दलीय जनप्रतिनिधियों का भाजपा में शामिल होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में चल रहे विकास कार्यों के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के भाजपा में आने से श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में संगठन को जमीनी स्तर पर नई मजबूती मिलेगी और पार्टी की गतिविधियों को भी गति मिलेगी। श्रीनगर नगर निगम के गठन के बाद से ही नगर की राजनीति में विभिन्न दलों और निर्दलीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में महापौर समेत कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों का भाजपा में शामिल होना नगर की राजनीतिक तस्वीर में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इस घटनाक्रम से जहां भाजपा के पक्ष में नगर निगम के भीतर राजनीतिक समीकरण मजबूत हुए हैं,वहीं आने वाले समय में इसका असर नगर की राजनीति और विकास कार्यों पर भी दिखाई देने की संभावना है। भाजपा नेताओं ने नवागत जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे पार्टी संगठन के साथ समन्वय बनाकर श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र के विकास,जनसमस्याओं के समाधान और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम का संचालन भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने किया। इस अवसर पर भाजपा पौड़ी जिला महामंत्री गणेश भट्ट सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। श्रीनगर नगर निगम में एक साथ कई जनप्रतिनिधियों के भाजपा में शामिल होने से नगर की सियासत में नए समीकरण बनने के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि यह राजनीतिक बदलाव आने वाले समय में नगर निगम की कार्यप्रणाली और श्रीनगर की स्थानीय राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।
