खेल मैदान में दिखेगा पौड़ी के नौनिहालों का दमखम-सितंबर से शुरू होंगी जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिताएं

0 55
Siv arora
Spread the love

खेल मैदान में दिखेगा पौड़ी के नौनिहालों का दमखम-सितंबर से शुरू होंगी जनपद स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिताएं

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की धरती ने हमेशा खेल प्रतिभाओं को जन्म दिया है। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के युवा खेल के मैदान में अपनी मेहनत,अनुशासन और प्रतिभा के दम पर जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बना रहे हैं। इन्हीं उभरती खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच और अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में जनपद एवं राज्य स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सितंबर से जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आगाज होगा,जबकि अक्टूबर में पौड़ी में राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिताओं की तैयारियों को लेकर मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन,खिलाड़ियों के चयन,पात्रता प्रमाण पत्रों की जांच,क्रीड़ा शुल्क,टीमों के आवागमन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य शिक्षाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं खेल समन्वयकों को प्रतियोगिताओं के आयोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। विद्यालय स्तर पर ही तराशी जाएंगी खेल प्रतिभाएं मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना ने कहा कि खेल प्रतिभाओं की पहचान का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव विद्यालय स्तर है। इसलिए प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें नियमित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक विशेष खेल की तैयारी कराई जाए और विद्यार्थियों को अभ्यास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए। विद्यालयों द्वारा संबंधित खेल गतिविधियों एवं खिलाड़ियों की जानकारी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तथा मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं में किसी भी अपात्र खिलाड़ी को प्रतिभाग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी प्रतिभागियों के पात्रता प्रमाण पत्रों की अनिवार्य रूप से जांच की जाएगी,ताकि प्रतियोगिताओं की पारदर्शिता और खेल भावना बनी रहे। समय पर उपलब्ध करानी होगी खिलाड़ियों की सूची मुख्य शिक्षाधिकारी ने संबंधित ब्लॉक क्रीड़ा समन्वयकों एवं प्रतियोगिता संयोजकों को निर्देश दिए कि चयनित खिलाड़ियों की सूची निर्धारित प्रारूप में तैयार कर समय से जिला क्रीड़ा प्रकोष्ठ को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं के आयोजन से पूर्व खिलाड़ियों की पात्रता,टीमों की संख्या,खेल सामग्री,मैदान,आवास,भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जाए,ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में बालिका वर्ग की प्रतियोगिताओं को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। मुख्य शिक्षाधिकारी ने कहा कि बालिका टीमों के साथ सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बालिका टीम के साथ अनिवार्य रूप से दो महिला शिक्षिकाओं की उपस्थिति रहेगी। यदि किसी विद्यालय में महिला शारीरिक शिक्षिका उपलब्ध नहीं है तो अन्य विषय की महिला शिक्षिका को टीम के साथ भेजा जाएगा। इसके अलावा प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के साथ संबंधित खेल प्रभारी की उपस्थिति भी अनिवार्य रहेगी। बैठक में प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम भी निर्धारित किया गया। इसके अनुसार जनपदीय शरदकालीन क्रीड़ा प्रतियोगिता 9 से 12 सितंबर तक दुगड्डा विकास खण्ड में आयोजित होगी। वहीं जनपदीय शीतकालीन क्रीड़ा प्रतियोगिता 3 से 6 अक्टूबर तक पौड़ी में आयोजित की जाएगी। इन प्रतियोगिताओं में जिले के विभिन्न विद्यालयों से चयनित खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित एवं तैयार किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य स्तरीय बैडमिंटन क्रीड़ा प्रतियोगिता (समस्त बालक वर्ग) का आयोजन 22 से 24 अक्टूबर तक जिला क्रीड़ा प्रकोष्ठ पौड़ी में किया जाएगा। इसके लिए जनपद स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों एवं टीमों को राज्य स्तरीय मुकाबलों के लिए विशेष रूप से तैयार करने पर जोर दिया गया। मुख्य शिक्षाधिकारी ने कहा कि जनपद की खेल प्रतिभाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार किया जाना चाहिए,ताकि पौड़ी जनपद के खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकें। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं,बल्कि विद्यार्थियों के अनुशासन,नेतृत्व क्षमता,आत्मविश्वास,टीम भावना और शारीरिक-मानसिक विकास का महत्वपूर्ण आधार हैं। विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाना जरूरी है। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अंशुल बिष्ट,जिला क्रीड़ा समन्वयक योगम्बर सिंह नेगी,जिला क्रीड़ा सह-समन्वयक राजीव सिंह रावत,मृदुला गुजराल एवं वर्षा सहित विभिन्न विकासखंडों के ब्लॉक क्रीड़ा समन्वयक मौजूद रहे। बैठक के माध्यम से आगामी खेल सत्र को लेकर विभागीय तैयारियों को गति मिली। अब सितंबर से विद्यालयों के खेल मैदानों में खिलाड़ियों का जोश और प्रतिभा देखने को मिलेगी और अक्टूबर में पौड़ी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता की मेजबानी कर प्रदेशभर के खिलाड़ियों के स्वागत के लिए तैयार होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.