हरदोई में इंस्टाग्राम वाला इश्क,पुलवामा वाला झूठ,मंडप में खुला फर्जी फौजी का राज,दूल्हा अस्पताल और बाराती हवालात पहुंचे…

0 20
Siv arora
Spread the love

हरदोई में इंस्टाग्राम वाला इश्क,पुलवामा वाला झूठ,मंडप में खुला फर्जी फौजी का राज,दूल्हा अस्पताल और बाराती हवालात पहुंचे…

हरदोई के शाहाबाद में इंस्टाग्राम पर शुरू हुई एक प्रेम कहानी शादी के मंडप में पहुंचकर सनसनीखेज धोखाधड़ी में बदल गई।करीब चार साल पहले 24 वर्षीय युवती की इंस्टाग्राम पर राहुल मिश्रा नाम के युवक से दोस्ती हुई थी।युवक खुद को भारतीय सेना का जवान बताता था और कहता था कि उसकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में है। धीरे-धीरे दोनों के बीच व्हाट्सएप, फेसबुक और फोन पर बातचीत बढ़ती गई। कई बार युवक कई दिनों तक गायब हो जाता था, लेकिन बाद में ड्यूटी और ऑपरेशन का हवाला देकर युवती का भरोसा फिर जीत लेता था।

भरोसा मजबूत करने के लिए कथित राहुल सेना की वर्दी में तस्वीरें भेजता था।कभी कैंप की फोटो, कभी छुट्टी मांगने वाली एप्लीकेशन और कभी फौजी अंदाज वाली डीपी लगाकर वह खुद को असली सैनिक साबित करता रहा।करीब चार महीने पहले उसने दूसरे नंबर से फोन कर कहा कि यही उसका नया नंबर है।इसके बाद बातचीत और ज्यादा बढ़ गई.दोनों की सहमति के बाद रिश्ता तय हो गया और शादी की तारीख भी फाइनल कर दी गई।

10 मई को बारात धूमधाम से शाहाबाद पहुंची।स्वागत हुआ,रस्में निभाई गईं और शादी की तैयारियां चलती रहीं।लेकिन फेरों से पहले दुल्हन को दूल्हे के हावभाव,आवाज और बातचीत के तरीके पर शक हो गया।जिस राहुल से वह चार साल से बात कर रही थी,सामने बैठा युवक उससे बिल्कुल अलग लग रहा था।दुल्हन ने मंडप में ही सवाल पूछने शुरू कर दिए।जवाब गड़बड़ मिलने लगे तो कड़ाई से पूछताछ हुई और पूरा राज खुल गया कि शादी करने आया युवक राहुल मिश्रा नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के छतरपुर का देवेन्द्र परमार है।

 

सच्चाई सामने आते ही शादी का माहौल हंगामे में बदल गया। गुस्साए लोगों ने दूल्हे और उसके साथियों की जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल दूल्हे को अस्पताल भिजवाया और उसके साथ आए लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दूल्हे समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

मतलब साफ है कि राहुल मिश्रा बनकर एक युवक ने खुद को फौजी बताया और सोशल मीडिया के जरिए युवती को प्रेमजाल में फंसाया। शादी से कुछ महीने पहले नंबर बदलने का बहाना बनाकर दूसरे युवक से बातचीत कराई गई। लेकिन युवती अधिवक्ता थी, इसलिए मंडप में दूल्हे के हावभाव और बातचीत पर शक होने पर उसने पूछताछ की, तब खुलासा हुआ कि बारात लेकर पहुंचा युवक राहुल नहीं बल्कि देवेंद्र परमार है। युवती ने आशंका जताई है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है, जो सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाता है। उसके मुताबिक ऐसे लोग महिलाओं का आर्थिक शोषण, ब्लैकमेलिंग,जबरन शादी या मानव तस्करी जैसे अपराधों में इस्तेमाल कर सकते हैं।फिलहाल ‘फर्जी फौजी दूल्हा’ और ‘इंस्टाग्राम वाले प्यार’ की यह कहानी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.