पैठाणी में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब-ऋतु खंडूड़ी और डॉ.धन सिंह रावत ने रक्षाबंधन पर दिया महिला सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश

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Siv arora
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पैठाणी में उमड़ा मातृशक्ति का सैलाब-ऋतु खंडूड़ी और डॉ.धन सिंह रावत ने रक्षाबंधन पर दिया महिला सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पैठाणी में आयोजित भव्य रक्षाबंधन समारोह में मंगलवार को मातृशक्ति का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में रंग गया। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी कर रक्षाबंधन पर्व को केवल भाई-बहन के पवित्र प्रेम तक सीमित न रखते हुए महिला सम्मान,सामाजिक समरसता,आपसी विश्वास और सशक्तिकरण के संकल्प के रूप में मनाया। समारोह में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण मुख्य अतिथि तथा प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ.धन सिंह रावत मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। समारोह स्थल पर पहुंची महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक उल्लास,आत्मीयता और सांस्कृतिक रंगों से सजे कार्यक्रम ने पैठाणी को रक्षाबंधन के भव्य उत्सव में तब्दील कर दिया। बहनों ने भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के प्रतीक राखी के पावन बंधन को मजबूत करते हुए प्रदेश की खुशहाली,सामाजिक एकता और समृद्धि की कामना की। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि भारतीय संस्कृति में रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं,बल्कि विश्वास,आत्मीयता,सुरक्षा,सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान,सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आज महिलाएं शिक्षा,राजनीति,प्रशासन,खेल,स्वरोजगार और सामाजिक क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष के रूप में महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का अवसर मिलना प्रदेश की महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और क्षमता का प्रमाण है। भाजपा महिलाओं को राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पौड़ी जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष भी महिला हैं,जो महिला नेतृत्व की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत करती है। ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि महिलाओं की शक्ति को पहचानकर उन्हें निर्णय प्रक्रिया में बराबर की भागीदारी देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व परिवार के साथ-साथ समाज में भी प्रेम,विश्वास और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। मुख्य वक्ता कैबिनेट मंत्री एवं श्रीनगर विधायक डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में पिछले लगभग 15 वर्षों से रक्षाबंधन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं,लेकिन इस बार पैठाणी में मातृशक्ति की जिस तरह की उत्साहपूर्ण और व्यापक भागीदारी देखने को मिली,वह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति के सबसे आत्मीय पर्वों में से एक है। यह भाई-बहन के पवित्र प्रेम,स्नेह,विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह पर्व परिवारों को जोड़ने के साथ ही समाज में आपसी सद्भाव,सम्मान और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। डॉ.रावत ने कहा कि समारोह में उपस्थित बहनों ने स्नेहपूर्वक राखी बांधकर इस पवित्र रिश्ते को और मजबूत किया है। उन्होंने सभी बहनों के सुख,समृद्धि,सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन का यह पावन पर्व प्रत्येक परिवार में खुशहाली,शांति और नई ऊर्जा लेकर आए। पैठाणी में आयोजित समारोह में महिलाओं की भारी मौजूदगी कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर लंबे समय तक उत्सव जैसा माहौल बना रहा। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वक्ताओं ने कहा कि आज की नारी केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है,बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी बराबर की भूमिका निभा रही है। महिलाओं के आत्मविश्वास और बढ़ती भागीदारी को प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण ताकत बताया गया। समारोह में भाजपा सरकार की ओर से महिलाओं के सम्मान,सुरक्षा,स्वरोजगार और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। उपस्थित महिलाओं ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे मातृशक्ति को सम्मान और सामाजिक एकजुटता का मजबूत संदेश देने वाला आयोजन बताया। इस अवसर पर राज्य मंत्री अनुराधा वालिया एवं डॉ.दीपा रावत भी मौजूद रहीं। भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष प्रमिला भण्डारी,ब्लॉक प्रमुख थलीसैंण सुनीता रावत,ब्लॉक प्रमुख पाबों लता देवी,प्रियंका रावत,रजनी देवी,शर्मिला भट्ट,मोनिका देवी,सुलोचना देवी सहित महिला मोर्चा की अनेक पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि,वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। पैठाणी में उमड़े इस जनसैलाब ने यह संदेश स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की मातृशक्ति अब केवल उत्सवों की सहभागी नहीं,बल्कि सामाजिक परिवर्तन,जनभागीदारी और विकास की मजबूत वाहक भी बन चुकी है।

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