
महापौर के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम में वाल्मीकि समाज का धरना समाप्त

– मुख्य आरोपी सन्नी चुघ गिरफ्तार
– एसएसपी ने फोन पर दी गिरफ्तारी की जानकारी
– वाल्मीकि समाज ने महापौर का जताया आभार

रुद्रपुर। काशीपुर रोड फ्लाईओवर के पास कार और स्कूटी की टक्कर के बाद कथित मारपीट की घटना को लेकर उपजे विवाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सन्नी चुघ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही नगर निगम परिसर में वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारियों की ओर से चल रहा धरना सोमवार दोपहर बाद समाप्त हो गया। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी स्वयं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने दूरभाष के माध्यम से महापौर विकास शर्मा को दी।
गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही महापौर ने धरनास्थल पर मौजूद वाल्मीकि समाज के लोगों को मोबाइल फोन को हैंडफ्री पर रखकर एसएसपी से सीधे बात कराई। एसएसपी ने धरनारत लोगों को बताया कि पुलिस ने आरोपी सन्नी चुघ को हिरासत में ले लिया है और दुर्घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन को भी कब्जे में लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बताया दें दो दिन पूर्व काशीपुर रोड पर भूरारानी निवासी सन्नी चुघ की कार और स्कूटी के बीच टक्कर हो गई थी। हादसे में नगर निगम की सफाई कर्मचारी के पुत्र अभिषेक समेत एक अन्य युवक घायल हो गया था। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
घटना के बाद वाल्मीकि समाज में आक्रोश बढ़ गया और समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। इसी मांग को लेकर सोमवार सुबह वाल्मीकि समाज और नगर निगम के सफाई कर्मचारी नगर निगम परिसर में धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर विकास शर्मा भी वाल्मीकि समाज के साथ धरने पर बैठ गए। महापौर ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह समाज और कर्मचारियों के साथ खड़े रहेंगे।
महापौर के धरने में शामिल होने के बाद उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को भरोसा दिलाया कि पुलिस अधिकारियों से लगातार वार्ता कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद महापौर ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार फोन पर संपर्क बनाए रखा और मामले की प्रगति की जानकारी लेते रहे। महापौर की ओर से लगातार पुलिस अधिकारियों से किए जा रहे संवाद के चलते धरनारत लोगों में भी यह भरोसा बना रहा कि मामले में जल्द कार्रवाई होगी।
दोपहर बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने महापौर विकास शर्मा को फोन कर मुख्य आरोपी सन्नी चुघ की गिरफ्तारी की जानकारी दी। महापौर ने तत्काल यह जानकारी धरनास्थल पर मौजूद वाल्मीकि समाज के लोगों और सफाई कर्मचारियों के साथ साझा की।
महापौर ने एसएसपी का फोन हैंडफ्री पर रखकर धरनारत लोगों को भी उनकी बात सुनाई। एसएसपी ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लिया जा चुका है तथा घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई तहरीर पर पुलिस ने बिना किसी हीलाहवाली के तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी और निष्पक्ष जांच के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसएसपी की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद वाल्मीकि समाज तथा सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में चल रहा धरना समाप्त कर दिया।
धरना समाप्त होने के बाद वाल्मीकि समाज के लोगों ने महापौर विकास शर्मा का आभार व्यक्त किया। समाज के लोगों ने कहा कि महापौर ने जिस तरह घटना के बाद उनके बीच पहुंचकर उनका साथ दिया और गिरफ्तारी की मांग को लेकर स्वयं धरने पर बैठे, उससे समाज को यह महसूस हुआ कि वह अकेला नहीं है। समाज के लोगों ने कहा कि महापौर ने जो बात कही थी, उसे पूरा कराने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किया और पुलिस अधिकारियों से संपर्क बनाए रखा। गिरफ्तारी की सूचना भी महापौर के माध्यम से धरनास्थल पर मौजूद लोगों को मिली।
वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज के साथ खड़े होकर महापौर ने अपनापन और संवेदनशीलता का परिचय दिया है। इसके लिए समाज उनके प्रति आभार व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह महापौर संकट की इस घड़ी में समाज के साथ खड़े रहे, उसी तरह वाल्मीकि समाज भी उनके साथ खड़ा रहेगा। धरना समाप्त होने के दौरान वाल्मीकि समाज के नेताओं ने समाज के लोगों से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद समाज ने जिस एकता और संयम का परिचय दिया, उसे आगे भी कायम रखना होगा।
धरना समाप्त होने के बाद महापौर विकास शर्मा ने कहा कि घटना सामने आने के बाद से ही वह सफाई कर्मचारियों और पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, “पीड़ित परिवार के साथ जो हुआ है, उसमें न्याय मिलना जरूरी है। गिरफ्तारी के लिए सुबह से ही पुलिस अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही थी। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। घायल युवक के इलाज से लेकर उसके परिवार को जहां भी आवश्यकता होगी, वहां हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। महापौर ने कहा कि मामले में कानून अपना काम करेगा और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी निर्दाेष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
महापौर विकास शर्मा ने इस पूरे मामले को लेकर राजनीति करने वालों को भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि घटना को लेकर किसी भी तरह से माहौल खराब करने अथवा समाजों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है और सभी पक्षों को संयम बनाए रखना चाहिए। कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले में राजनीति करने के बजाय निष्पक्ष जांच और न्याय की प्रक्रिया पर भरोसा किया जाना चाहिए। महापौर ने कहा कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश किसी भी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी। रुद्रपुर में सभी समाजों के बीच भाईचारा और आपसी सौहार्द कायम रहना चाहिए। किसी भी घटना को राजनीतिक रंग देकर शहर का माहौल खराब करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
इस दौरान मौके पर सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष नितिन चरण वाल्मीकि, दर्जा मंत्री रामपाल सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के सदस्य रामवतार राजौर, पूर्व दर्जा मंत्री अजय राजौ, चौधरी सुरेश लाल, सुरेश कोली, अश्वनी सिंह, मोहन तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद थे।
