शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव-50 विद्यालयों का होगा कायाकल्प–डीएम स्वाति एस.भदौरिया ने तय की समयसीमा

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Siv arora
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शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव-50 विद्यालयों का होगा कायाकल्प–डीएम स्वाति एस.भदौरिया ने तय की समयसीमा

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। बच्चों के हाथों में किताबें हों,थाली में पौष्टिक भोजन हो और स्कूलों में पढ़ाई के लिए आधुनिक एवं सुरक्षित माहौल-इसी लक्ष्य को लेकर पौड़ी जिला प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने बुधवार को पीएम पोषण योजना से लेकर विद्यालयों के कायाकल्प,शैक्षणिक गुणवत्ता और निर्माण कार्यों तक की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ कागजों में नहीं,बल्कि धरातल पर विद्यार्थियों तक दिखाई देना चाहिए। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना,मध्याह्न भोजन योजना तथा शिक्षा विभाग के विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित पीएम पोषण योजना,भोजन की गुणवत्ता,खाद्यान्न आपूर्ति,बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण,विद्यालयों की मूलभूत सुविधाओं,विद्यालय रूपांतरण,निर्माण कार्यों और शैक्षणिक परिणामों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विद्यालय रूपांतरण को लेकर जिलाधिकारी ने बड़ा निर्णय लेते हुए बताया कि प्रथम चरण में छात्र संख्या के आधार पर जनपद के 50 विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों का चरणबद्ध तरीके से कायाकल्प कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उन्होंने सभी विकासखंडों से छात्र संख्या एवं उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए,जहां सीमित संसाधनों के बेहतर उपयोग से प्रभावी विद्यालय रूपांतरण किया जा सके। चयनित विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड,स्मार्ट क्लास,पुस्तकालय,विज्ञान प्रयोगशाला,आरओ फिल्टर,झूले,खेल उपकरण सहित विद्यार्थियों की आवश्यकतानुसार अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों का कायाकल्प केवल भवन को सुंदर बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए,बल्कि वहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण और सीखने का वातावरण भी मिलना चाहिए। बैठक में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम,मासिक मूल्यांकन परीक्षाओं और स्कूल ग्रेडिंग सिस्टम की भी समीक्षा की गई। जिला शिक्षाधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में पिछले शिक्षा सत्र में बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष भी मासिक मूल्यांकन परीक्षाओं को प्रभावी ढंग से आयोजित किया जाए। विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी और उत्तर लेखन की सही पद्धति समझाने के लिए शिक्षकों से मॉडल उत्तर तैयार कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत से कम रहा है,उनका चिन्हीकरण कर परिणाम कमजोर रहने के वास्तविक कारणों का विश्लेषण किया जाए। ऐसे विद्यालयों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक ओरियंटेशन एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिस को चिन्हित कर अन्य विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों और बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की भी बात कही गई। डॉ.अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय से जुड़ेंगे विद्यार्थी

जिलाधिकारी ने जनपद मुख्यालय स्थित डॉ.अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय को विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से संग्रहालय का भ्रमण कराया जाए,ताकि वे वैज्ञानिक गतिविधियों,मॉडलों और प्रदर्शों के माध्यम से किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक जानकारी भी हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि मॉडल विद्यालयों का विकास केवल भवन और मूलभूत सुविधाओं तक सीमित न रहे,बल्कि उन्हें विद्यार्थियों के लिए ज्ञान,प्रयोग और सीखने का बेहतर केंद्र बनाया जाए। लकड़ी के चूल्हे पर भोजन की जानकारी से डीएम नाराज,गैस कनेक्शन के निर्देश विद्यालयों में गैस कनेक्शन,स्वच्छ पेयजल,किचन गार्डन,शौचालय,फर्नीचर,कक्ष-कक्ष एवं किचन-कम-स्टोर की स्थिति की समीक्षा के दौरान कुछ विद्यालयों में गैस कनेक्शन नहीं होने के कारण लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाए जाने की जानकारी सामने आई। जिलाधिकारी ने छात्र संख्या के आधार पर ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं जिन विद्यालयों में गैस कनेक्शन बंद हो चुके हैं और अब उनकी आवश्यकता नहीं है,वहां के कनेक्शन जरूरत वाले विद्यालयों में स्थानांतरित करने की कार्रवाई विकासखंड स्तर पर सुनिश्चित करने को कहा। जिला शिक्षाधिकारी बेसिक ने बताया कि जनपद के 2309 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के तहत निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को प्रत्येक माह कम से कम 15 विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरबीएसके के माध्यम से भोजन का थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन कराने तथा बाजार से खरीदी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा। खंड शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने के साथ ही अभिभावक संघ और विद्यालय प्रबंधन समितियों से संवाद कर पीएम पोषण योजना की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाए। अधिक स्वास्थ्य समस्याओं वाले बच्चों की अलग सूची तैयार कर उनकी नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकों से उपचार सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने विशेष भोज कार्यक्रम को भी प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए शिक्षा विभाग को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा। शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला योजना,राज्य योजना तथा वित्तीय वर्ष 2024-25,2025-26 और 2026-27 के स्वीकृत एवं गतिमान निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के स्वीकृत होने के बावजूद शुरू न हुए कार्यों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्य भी शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। जिन कार्यों में भूमि,तकनीकी अथवा अन्य समस्या है,उनकी जानकारी सितंबर माह तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जो ठेकेदार कार्य शुरू नहीं कर रहे हैं अथवा कार्य अधूरा छोड़ रहे हैं,उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर भी विशेष जोर दिया गया। पेयजल निर्माण निगम एवं ग्रामीण निर्माण विभाग को स्पष्ट समयसीमा देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शुरू हो चुके निर्माण कार्य 31 अगस्त तक,अन्य लंबित कार्य 15 सितंबर तक तथा राज्य योजना के कार्य 30 सितंबर तक पूर्ण किए जाएं। सभी कार्यों की प्रगति फोटो सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने 100 प्रतिशत पूर्ण हो चुके कार्यों के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू करने को कहा। आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों का चिन्हीकरण कर उनके मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए तत्काल एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए,ताकि आवश्यक कार्य समयबद्ध रूप से शुरू कराए जा सकें। समग्र शिक्षा के अंतर्गत विद्यालय प्रबंधन समितियों द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में कराए जा रहे कार्यों को मार्च 2027 तक अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित धनराशि वापस लिए जाने की चेतावनी भी दी गई। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,पौष्टिक भोजन तथा सुरक्षित एवं स्वच्छ विद्यालयी वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। पीएम पोषण योजना से लेकर विद्यालयों के आधारभूत ढांचे और शैक्षणिक गुणवत्ता तक प्रत्येक स्तर पर नियमित अनुश्रवण,गुणवत्ता नियंत्रण,जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत योजनाओं का लाभ निर्धारित समय में विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए। विद्यालयों के कायाकल्प से लेकर शिक्षा की गुणवत्ता तक अब प्रशासन की नजर हर स्तर पर रहेगी। बैठक में मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना,जिला शिक्षाधिकारी बेसिक अंशुल बिष्ट,अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने,जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा,अधिशासी अभियंता जल संस्थान टीएस रावत,अधिशासी अभियंता पेयजल निर्माण शाखा श्रीनगर वीरेंद्र भट्ट,अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यूडी कोटद्वार बीएम आर्य,पौड़ी के.पी.भट्ट,खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।y

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