
स्वच्छता के संकल्प के साथ सड़कों पर उतरा पौड़ी-प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के लिए निकली जागरूकता रैली


पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वच्छ शहर केवल सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जब शहर का हर व्यक्ति अपने घर से निकलने वाले कचरे की जिम्मेदारी स्वयं उठाएगा,तभी स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड का सपना साकार होगा। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बुधवार को पौड़ी शहर की सड़कें स्वच्छता जागरूकता के नारों से गूंज उठीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वच्छ,सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद पौड़ी की ओर से एजेंसी चौक से रामलीला मैदान तक विशेष स्वच्छता रैली निकाली गई। रैली में विभिन्न सामाजिक संगठनों,नागरिकों,जनप्रतिनिधियों एवं नगर पालिका के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर स्वच्छता को जनअभियान बनाने का संदेश दिया। रैली के दौरान लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने,खुले में कूड़ा न फेंकने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने लोगों से अपील की कि स्वच्छ पौड़ी और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड केवल सरकारी प्रयासों से नहीं,बल्कि सामूहिक सहभागिता से ही संभव है। रैली के माध्यम से नागरिकों को घरों एवं प्रतिष्ठानों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया गया। लोगों से कहा गया कि कूड़े को खुले में न फेंकें और न ही प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को जलाएं या मिट्टी में दबाएं। नगर पालिका की डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था का उपयोग करने की अपील करते हुए लोगों को बताया गया कि घर से निकलने वाले जैविक कचरे को अलग एकत्रित कर खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इससे जहां कूड़े का उचित निस्तारण होगा,वहीं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान ने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है,बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर का कूड़ा सड़क,नाली अथवा सार्वजनिक स्थान पर फेंकने के बजाय नगर पालिका की डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण गाड़ी को ही दें। उन्होंने कहा कि घरों से निकलने वाले जैविक कचरे को अलग एकत्रित कर खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इससे कचरे का बेहतर प्रबंधन होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। एडीएम ने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न्यूनतम करने तथा अपने आसपास खुले में गंदगी करने वाले लोगों को भी समझाकर स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की अपील की। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से कूड़ा इधर-उधर फैलाने के बजाय उसे एक स्थान पर एकत्रित करने तथा गीले और सूखे कचरे को अलग रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक सहित किसी भी प्रकार के कचरे को जलाना अथवा खुले में फेंकना पर्यावरण के लिए गंभीर नुकसानदायक है। इसलिए कचरे को नगर पालिका की डोर-टू-डोर संग्रहण व्यवस्था के माध्यम से ही निस्तारित किया जाए। उन्होंने नागरिकों से अपने घर,दुकान और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के साथ ही पौड़ी को स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर बनाने में नगर पालिका का सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से विभिन्न सामाजिक संगठनों,नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। रैली के माध्यम से स्वच्छता को केवल एक दिन का कार्यक्रम न बनाकर इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी बनाने का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान यह भी संदेश दिया गया कि पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को प्लास्टिक कचरे से बचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है। विशेष रूप से युवाओं और आम नागरिकों से प्लास्टिक के विकल्प अपनाने तथा स्वच्छता अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर सफाई निरीक्षक हेमंत कुमार,सभासद संगीता रावत,सभासद अरविंद रावत सहित नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी,सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि,जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। रैली ने स्पष्ट संदेश दिया कि स्वच्छ पौड़ी और प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड का लक्ष्य तभी हासिल होगा,जब प्रशासन के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझकर स्वच्छता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए।
