यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में गार्गी चमोली की शानदार सफलता से ढामक गांव में जश्न

0 8
Siv arora
Spread the love

यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में गार्गी चमोली की शानदार सफलता से ढामक गांव में जश्न

श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की बेटियां आज अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के दम पर सफलता की नई ऊंचाइयां छू रही हैं। ऐसी ही प्रेरणादायी उपलब्धि धारी देवी मंदिर के निकट ग्राम ढामक की मूल निवासी गार्गी चमोली ने हासिल की है। गार्गी ने यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में 99.87 पर्सेंट प्राप्त कर शानदार सफलता अर्जित की है। उनकी इस उपलब्धि की खबर जैसे ही पैतृक गांव पहुंची,पूरे ढ़ामक क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने गार्गी की सफलता को गांव और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गार्गी चमोली स्व.सूर्य प्रकाश चमोली एवं अंजली देवी की सुपुत्री हैं। सीमित संसाधनों और पहाड़ की परिस्थितियों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ते हुए गार्गी ने यह मुकाम अपनी मेहनत,अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर हासिल किया है। उनकी सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए निरंतर मेहनत की जाए तो पहाड़ की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं। गार्गी ने अपनी तैयारी के दौरान लगभग तीन महीने तक पूरी तरह फोकस्ड और अनुशासित रहकर अध्ययन किया। नियमित पढ़ाई,पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास तथा अपनी गलतियों का विश्लेषण उनकी तैयारी की महत्वपूर्ण रणनीति रही। इसी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में 99.87 पर्सेंट हासिल कर अपने परिवार के साथ-साथ अपने पैतृक गांव को भी गौरवान्वित किया। अपनी सफलता का श्रेय गार्गी ने अपने माता-पिता,गुरुजनों और शुभचिंतकों को दिया है। उनका कहना है कि यह उपलब्धि केवल अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है,बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर मेहनत के बल पर व्यक्ति अपनी परिस्थितियों से आगे निकलकर सफलता की नई राह बना सकता है। गार्गी की उपलब्धि से उनके पैतृक गांव ढ़ामक में विशेष उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव की बेटी ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। ग्रामीणों ने मां धारी देवी से प्रार्थना करते हुए गार्गी के उज्ज्वल भविष्य,सफलता और निरंतर प्रगति की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि गार्गी भविष्य में भी इसी तरह मेहनत करते हुए अपने गांव,क्षेत्र और उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगी। गांव में संचालित आनंदा इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक डॉ.उत्तम सिंह भण्डारी ने गार्गी चमोली को उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता गांव के बच्चों और विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने गार्गी से विद्यालय का भ्रमण कर विद्यार्थियों से संवाद करने तथा उन्हें शिक्षा और मेहनत के प्रति प्रेरित करने का भी आग्रह किया। डॉ.भण्डारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करना अपने आप में गौरव की बात है। गार्गी जैसी बेटियां गांव के विद्यार्थियों को यह विश्वास दिलाती हैं कि बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए शहरों में रहना ही जरूरी नहीं,बल्कि दृढ़ संकल्प और मेहनत सबसे बड़ी ताकत है। गार्गी की सफलता पर आनंदा इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य गीता भण्डारी,सुमन चमोली,ग्राम सभा ढामक की पूर्व प्रधान सावित्री शाह,कुलदीप चमोली,धन सिंह,प्रवीण चमोली,दीपक थापलियाल सहित अनेक ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों ने बधाई प्रेषित की। सभी ने गार्गी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आने वाले समय में शोध एवं अध्यापन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर गांव और उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगी। गार्गी चमोली की यह सफलता केवल उनके परिवार की खुशी नहीं,बल्कि पूरे ढ़ामक गांव के लिए गौरव और नई पीढ़ी के लिए मेहनत,लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी संदेश है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.