
मानसून की पहली बारिश ने खोली सिस्टम की विफलता की पोल


बाजपुर के मुंडिया पिस्तौर देहात में नालों की सफाई न होने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। जगह-जगह गंदगी, जाम पड़े नाले और जलभराव से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? संबंधित विभाग, ग्राम पंचायत या स्थानीय प्रशासन?
मुंडिया पिस्तौर देहात में लंबे समय से नालों की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों और गलियों में जमा हो रहा है। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो गए हैं। दुर्गंध, मच्छरों का बढ़ता प्रकोप और बीमारियों की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आने तक की जहमत नहीं उठा रहे हैं, जबकि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आम जनता की इस परेशानी की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाएगा या फिर ग्रामीणों को इसी तरह गंदगी और जलभराव के बीच रहने को मजबूर होना पड़ेगा?
फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नालों की सफाई कराने, जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
